नागरिकता संशोधन विधेयक (CAB) : कुछ तीखे सवाल

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बहुत बोली कांग्रेस। पर न बोला उन लाखो अल्पसंख्यको की लाचारी, नारकीय पीड़ा पर जिनके लिए यह विधेयक लाया गया।
मैं कई दिनों से चकित था कि लोग इस कदर बावले क्यों हो रहे है। घोषित इस्लामी राष्ट्रों में अल्पसंख्यको पर अत्याचार की गाथाये सयुंक्त राष्ट्र से लेकर उन्ही देशो के उदारवादी चिंतको, जमातों ने हज़ारो बार लिखी है, दशको से। वो जो आज की कांग्रेस से याद भी न की गयी।
अपनी विश्वासनीयता उन्होंने वहीं खो दी। देश से संवाद वही तोड़ दिया।

पाखंड:
स्वयं कांग्रेस ने, कांग्रेस ही क्या सी.पी.एम. ने 2012 में केंद्र की सरकार से “बांग्लादेश के गैर मुस्लिम शरणार्थियों” को नागरिकता देने की पेशकश की थी। कुछ कांग्रेस नेताओं ने भी यही कहा, लिखा। तो अब दिक्कत क्या है?
श्री Zero Loss सिब्बल ने इशारा दिया। कहा कोई हिन्दू, सिख, कोई अल्पसंख्यक प्रताड़ित ही नही है पाकिस्तान में। Zero Persecution थ्योरी। तो क्या मसला ये है कि इस्लामी राष्ट्रों की कट्टरपंथी सरकारों द्वारा अपने अपने अल्पसंख्यको के उत्पीडन का समर्थन करना है। क्या उनको लगता है भारतीय मुसलमान इससे खुश होंगे?

इस विधेयक का भारतीय मुसलमानो से कोई संबंध है भी नही, लेकिन इस्लामी राष्ट्रों द्वारा सताये लोगो की मदद के खिलाफ कांग्रेस क्यों है? इस्लामी राष्ट्रों के अल्पसंख्यको पर अत्याचार को भारतीय मुसलमान की अस्मिता से क्यों जोड़ रही है कांग्रेस? कांग्रेस और भारतीय मुसलमानो को इन देशो में सताये हुए अल्पसंख्यको के साथ खडा होना चाहिये, उनके साथ, जो उन देशो में कट्टरपंथियों के खिलाफ खड़े है। पर इसमे नया कुछ नही हैं। कांग्रेस और उसके 40 साथी पहले भी ऐसे ही थे। तसलीमा नसरीन को जब बांग्लादेश के खूनी मुल्लाओं ने हिन्दू अल्पसख्यको पर हो रहे भयानक अत्याचार के खिलाफ लिखने पर खदेड़ा था तब इसी कांग्रेस और इसी सी.पी.एम. ने उसे इस देश में तब भी शरण नही लेने दी थी। उन्होंने तब भी एक इस्लामी राष्ट्र में हिन्दुओ, पर अत्याचार का साथ दिया था। आज भी।
इस दृष्टि में बुनियादी बदलाव जरूरी है।

इस विरोध के तार कहाँ से जुड़े है? वे इतने उत्तेजित क्यो है? क्या बेहतर नहीं होता ये तेवर, वे NRC कानून के समय दिखाते? अब उनकी नीयत पर शक है। उनके इरादों पर संदेह है। क्या वे अब वैश्विक इस्लामी कट्टरपंथ के साथ नज़र नही आ रहे है? अब उनका NRC की खिलाफत में बोलने में विश्वसनीयता नही होगी। देश ने देख लिया कि इस्लामी कट्टरपंथी इरादों और हुक्मरानों को खुश करने के लिए कांग्रेस इस हद तक भी जा सकती है कि लाखो लुटे-पिटे, जान सम्मान गवां, बचा कर आये लोगो का मजाक उड़ाये। सिब्बल जैसी निर्लज्जता ने कल संसद में कहा कि अगर बाप मर गया तो कैसे सिद्ध करोगे कि प्रताड़ित हुए थे पाकिस्तान में? जो बिना बिजली-पानी, नोकरी- शिक्षा के कैसे भी तो जी रहे है उनके प्रति ऐसी क्रूर विचार रखने वाले अगर समझते है की वे कभी इस देश का प्रतिनिधित्व कर सकते है तो वे दुष्ट तो है ही, मूर्ख भी है। जब तक मुख्य विपक्ष में यह सोच जिंदा है भाजपा को कोई खतरा नही। वो जीतती रहेगी।

 

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Shailendra Dhar